दुर्ग, 21 जुलाई| Guest Teacher Protest: छत्तीसगढ़ में अतिथि शिक्षकों का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। संविलियन, समान वेतन और सेवा सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर अतिथि शिक्षक पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे हैं। बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक बारिश के बीच शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव करने पहुंचे।
प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने फ्लैशलाइट जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। देर रात तक जब शिक्षा मंत्री उनसे मिलने नहीं पहुंचे तो कई अतिथि शिक्षक मंत्री बंगले के बाहर सड़क पर ही रात बिताने को मजबूर हुए।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 11 वर्षों से प्रदेश के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल मानदेय के आधार पर काम करना पड़ रहा है। संघ के अनुसार, उन्हें करीब 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।]
ये हैं प्रमुख मांगें
अतिथि शिक्षकों की मुख्य मांगों में संविलियन, समान काम के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा, स्थायी नीति बनाने और मानदेय में बढ़ोतरी की मांग शामिल है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें नौकरी की स्थिरता नहीं मिल रही है।
मंत्री ने कही ये बात
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना सभी का अधिकार है, लेकिन नियमितीकरण का फैसला सरकार और कैबिनेट स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह अतिथि शिक्षकों से दो बार मुलाकात कर चुके हैं और सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर है।
मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति स्थानीय स्तर पर हुई है और नियमितीकरण की प्रक्रिया एक लंबी प्रक्रिया होती है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे आंदोलन को लेकर जल्दबाजी न करें और बातचीत के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।


