नई दिल्ली, 25 अगस्त। Kriti Sanon: रक्षाबंधन से पहले अभिनेत्री कृति सेनन का एक ज्वैलरी विज्ञापन सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है। विज्ञापन में कृति सेनन एक कुत्ते को राखी बांधती नजर आ रही हैं। विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, काशी के कुछ विद्वानों ने इसे लेकर आपत्ति जताई है।
कुत्ते को राखी बांधने पर उठे सवाल
विज्ञापन में कृति सेनन कुत्ते के प्रति स्नेह जताते हुए उसकी कलाई पर राखी बांधती दिखाई देती हैं। कुछ लोगों ने इसे पालतू जानवरों के प्रति प्यार और भावनात्मक जुड़ाव का संदेश बताया है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि रक्षाबंधन की धार्मिक परंपरा के साथ इस तरह का प्रयोग उचित नहीं है।
काशी के विद्वानों ने जताई आपत्ति
काशी के आचार्य पवन त्रिपाठी ने विज्ञापन पर आपत्ति जताते हुए कहा कि रक्षाबंधन सनातन परंपरा से जुड़ा पर्व है और इसमें रक्षा सूत्र का विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि पालतू जानवरों से प्रेम करना और उनकी देखभाल करना अच्छी बात है, लेकिन कुत्ते को राखी बांधने को रक्षाबंधन की पारंपरिक धार्मिक विधि का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
उन्होंने बताया कि प्राचीन परंपरा में पुरोहित अपने यजमानों और गुरु अपने शिष्यों को रक्षा सूत्र बांधते थे। समय के साथ यह परंपरा भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ गई और रक्षाबंधन इसका प्रमुख प्रतीक बन गया।
ज्योतिषाचार्य ने भी उठाए सवाल
ज्योतिषाचार्य डॉ. संजय उपाध्याय ने भी विज्ञापन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रक्षा सूत्र का धार्मिक संदर्भ विशेष परंपराओं से जुड़ा है। ऐसे में विज्ञापन के जरिए इसके स्वरूप में बदलाव किए जाने पर धार्मिक दृष्टि से आपत्ति उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने रक्षाबंधन पर पढ़े जाने वाले पारंपरिक रक्षा सूत्र मंत्र का भी उल्लेख किया और कहा कि इसका भाव सुरक्षा और रक्षा के संकल्प से जुड़ा है।


