पटना, 10 सितम्बर। Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इन जिलों के 84 प्रखंडों और 517 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। अब तक करीब 41.45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है। कई इलाकों में घरों और सड़कों तक पानी पहुंच गया है, जिसके चलते लोगों को आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
9 नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर
राहत की बात यह है कि नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हो गई है। हालांकि गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत 9 नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके चलते प्रशासन प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रहा है।
बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें तैनात हैं। टीमें अलग-अलग इलाकों में रेस्क्यू अभियान चला रही हैं और जरूरत के अनुसार नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
723 सामुदायिक रसोई में मिल रहा भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों में 723 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। यहां लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 13,446 विस्थापित लोगों के रहने, भोजन, इलाज और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
बोट एंबुलेंस से पहुंच रही मेडिकल मदद
बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं। जिन क्षेत्रों में सड़क के रास्ते पहुंचना मुश्किल है, वहां बोट एंबुलेंस के जरिए लोगों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाई जा रही है। प्रशासन का विशेष ध्यान बीमार लोगों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों तक जल्द मदद पहुंचाने पर है।
सितंबर में सामान्य से 31% ज्यादा बारिश
बिहार में सितंबर में अब तक सामान्य से 31 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। लगातार ज्यादा बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा और कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी। हालांकि अब जलस्तर में गिरावट से कुछ राहत मिली है, लेकिन कई नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण प्रशासन अभी भी पूरी तरह अलर्ट है।


