दुर्ग, 15 जुलाई। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की महान लोककला साधिका और पद्म विभूषण स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी पहुंचे, जहां उन्होंने तीजन बाई के दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान थीं। उन्होंने अपनी अद्वितीय पंडवानी गायकी और कापालिक शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। उनकी कला और योगदान को सदैव याद रखने के लिए राज्य सरकार उनकी विरासत को संरक्षित करेगी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रायपुर स्थित संग्रहालय में तीजन बाई के जीवनभर की कला-साधना के प्रतीक रहे तंबूरे को सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही, छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दौरान प्रतिवर्ष ‘तीजन बाई लोककला अलंकरण’ पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोककला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा, ग्राम गनियारी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नामकरण भी तीजन बाई के नाम पर किया जाएगा। श्रद्धांजलि सभा को सांसद विजय बघेल, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और विधायक अनुज शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित बड़ी संख्या में कलाकार, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।


