नई दिल्ली, 10 सितम्बर। Railway News: रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने देश के 7 हाई-डेंसिटी रेलवे कॉरिडोर को 4-लेन करने की योजना को मंजूरी दी है। इससे यात्रियों की आवाजाही के साथ माल परिवहन और रेलवे कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि करीब 4,000 किलोमीटर रेल नेटवर्क को 4-लेन करने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इस योजना के तहत व्यस्त रेलवे रूटों की क्षमता बढ़ाने और ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
बिलासपुर-कटनी सेक्शन भी योजना में शामिल
इस परियोजना में बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन को भी 4-लेन करने की मंजूरी मिली है। बिलासपुर से पेंड्रा और कटनी की ओर कुछ हिस्सों में पहले से तीन रेल लाइनें हैं, जबकि कई हिस्सों में दोहरी लाइन है। अब पूरे सेक्शन को चार-लेन रेल नेटवर्क के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इससे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 14 जिलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। करीब 656 किलोमीटर के रेल नेटवर्क के विस्तार से अमरकंटक, अचनकमार टाइगर रिजर्व, खुटाघाट बांध, रतनपुर महामाया मंदिर और विराटेश्वर मंदिर जैसे पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी आसान हो सकती है।
मुंबई-हावड़ा रूट पर भी विस्तार
मुंबई-हावड़ा हाई-डेंसिटी नेटवर्क में खड़गपुर से झारसुगुड़ा तक चौथी रेल लाइन को भी मंजूरी दी गई है। करीब 367 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर लगभग 6,528 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इसके अलावा अरक्कोनम-रेनिगुंटा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण को भी मंजूरी मिली है। करीब 77 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन पर लगभग 1,936 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन 7 रूटों पर बढ़ेगी रेलवे की क्षमता
केंद्र सरकार के अनुसार दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई, चेन्नई-कोलकाता और कोलकाता-दिल्ली रूट मिलकर गोल्डन क्वाड्रिलैटरल बनाते हैं। इसके अलावा दिल्ली-चेन्नई और मुंबई-कोलकाता डायगोनल रूट तथा दिल्ली-गुवाहाटी रूट को भी हाई-डेंसिटी कॉरिडोर के तौर पर विकसित किया जा रहा है।


