CG Cabinet Decisions: छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला… ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक लाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा

CG Cabinet Decisions: छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला… ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक लाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा

रायपुर, 09 जुलाई। CG Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में गुरुवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, सुशासन, उच्च शिक्षा, कर सुधार और प्रशासनिक सरलीकरण से जुड़े 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम फैसला छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026′ को स्वीकृति देना रहा। इसके लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ ऐसा कानून लाने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।

सरकार का दावा है कि नए कानून से उद्योगों को लाइसेंस और अनुमतियों की प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, तृतीय-पक्ष सत्यापन और जोखिम-आधारित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाओं से निवेशकों को राहत मिलेगी और राज्य में निवेश व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कैबिनेट ने बिजली भुगतान सुरक्षा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू करने का फैसला भी लिया, जिससे केंद्रीय विद्युत उपक्रमों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा। वहीं, बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026 के मसौदे को स्वीकृति मिली। इसके तहत ‘विन्यास निधि’ के स्थान पर ‘रक्षित निधि’ का प्रावधान किया जाएगा, जिससे छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा और यूजीसी मानकों के अनुरूप अधोसंरचना विकसित की जा सकेगी।

कर प्रणाली को सरल बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (CGGST) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रारूपों को भी मंजूरी दी गई। जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त कर उसके लंबित मामलों को राजस्व मंडल को सौंपने का निर्णय लिया गया है।

राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी हरी झंडी मिली। साथ ही, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के आबंटियों को राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 लागू करने का फैसला लिया गया, जिससे बकाया राशि के नियमितीकरण और भूमि सरेंडर की प्रक्रिया आसान होगी।

कैबिनेट ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को राज्य में अंगीकार करने, छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी देने तथा राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए शासकीय भूमि आबंटित करने का भी निर्णय लिया।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026 को मंजूरी।

बिजली भुगतान के लिए RBI की DDM व्यवस्था लागू।

बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में संशोधन।

निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को स्वीकृति।

वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त, मामले राजस्व मंडल को हस्तांतरित।

CGGST संशोधन विधेयक को मंजूरी।

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन विधेयक स्वीकृत।NRDA आबंटियों के लिए OTS योजना-2026 लागू।

जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 अंगीकार करने का निर्णय।

भाड़ा नियंत्रण संशोधन विधेयक को मंजूरी।

राजनांदगांव में 2000 सीटर आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण।

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